मतदान के लिए फोटो पहचान पत्र के अलावा वैकल्पिक दस्तावेज भी मान्य

– यदि मतदाता सूची, फोटो पहचान पत्र, फोटो मतदाता पर्ची में मतदाता की फोटो मेल नहीं करती है तो मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से मान्यता प्राप्त किसी एक वैकल्पिक फोटो दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा
बाड़मेर, 26 नवम्बर। भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव के लिए 7 दिसंबर को होने वाले मतदान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र के साथ कुछ अन्य वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों को भी मान्यता दी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी शिवप्रसाद मदन नकाते ने बताया कि मतदाता सूची में पंजीकृत मतदाता को मतदान से पहले अपनी पहचान स्थापित करने के लिए सामान्यतः निर्वाचन आयोग की ओर से जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाने की बाध्यता होती है। यदि मतदाता किसी कारणवश यह पहचान पत्र नहीं दिखा पाता है तो उसे वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज के रूप में मान्य दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि मतदाता को अपनी पहचान के लिए पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स,  राज्य या केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों की ओर से अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैकों या डाकघरों की ओर से जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, आरजीआई एवं एन.पी.आर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, निर्वाचन तंत्र द्वारा जारी फोटो मतदाता पर्ची, विधायकों, सांसदों को जारी किए सरकारी पहचान पत्र, आधार कार्ड दिखाने होंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी नकाते ने बताया कि निर्वाचन विभाग की ओर से पंजीकृत मतदाताओं को घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता पर्ची का वितरण किया जाएगा। इसके बावजूद यदि किसी मतदाता तक फोटोयुक्त पर्ची नहीं पहुंचती है तो वह जिला निवार्चन अधिकारी या निर्वाचक रजिस्ट्रकरण अधिकारी से संपर्क कर प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र में लेखनी तथा वर्तनी की अशुद्धि आदि को नजरअन्दाज किया जाएगा बशर्ते कि मतदाता की पहचान एपिक कार्ड से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि कोई मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है, जो कि किसी अन्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, ऐसे ईपीआईसी  भी पहचान स्थापित करने के लिए स्वीकृत किए जाएंगे, बशर्ते कि निर्वाचक का नाम जहां वह मतदान करने आया है, उस मतदान स्थल से संबंधित मतदाता सूची में उपलब्ध होना चाहिए ।
उनके मुताबिक यदि मतदाता सूची, फोटो पहचान पत्र, फोटो मतदाता पर्ची में मतदाता की फोटो मेल नहीं करती है तो मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मतदाता को निर्वाचन आयोग की ओर से मान्यता प्राप्त किसी एक वैकल्पिक फोटो दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा।