अमृता हाट मेले का समापन, 9.70 लाख के उत्पादांे की बिक्री

अमृता हाट मेले का समापन, 9.70 लाख के उत्पादांे की बिक्री
बाड़मेर, 01 जनवरी। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, स्टेशन रोड़ में मंगलवार को पांच दिवसीय अमृता हाट मेले का समापन हुआ। इस मेले मंे प्रदेश के विभिन्न स्थानांे से आए महिला स्वयं सहायता समूहांे के 9.70 लाख के उत्पादांे की बिक्री हुई।
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप मंे जिला कोषाधिकारी दिनेश बारहठ, अध्यक्ष राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के उप निदेशक करणसिंह बारहठ एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक श्रीमती सती चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि लेखाधिकारी शैलेन्द्र चारण उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि कोषाधिकारी दिनेश बारहठ ने स्वयं सहायता समूहों को नये वर्ष की शुभकामनाओं के साथ मेले में भाग लेने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्हांेने अमृता हाट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रशंसा की। अध्यक्षीय उदबोधन मंे महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक श्रीमती सती चौधरी ने अमृता हाट के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए सबका धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्हांेने महिला स्वयं सहायता समूहो के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समूह अपनी आयजनक गतिविधि में अच्छे गुणवता पूर्ण उत्पादों का निर्माण करें। साथ ही ऑनलाईन बिक्री से भी अपने उत्पादों को जोड़े, जिससे उनका मार्केट लिंकेज हो और उत्पादांे की बिक्री बढे़। इस दौरान अतिथियों एवं विभाग की ओर से तय मापदण्डों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ तीन समूहों का चयन किया गया। जिसमें प्रथम स्थान पर दो समूह, द्वितीय स्थान पर दो समूह एवं तृतीय स्थान पर दो समूह का चयन किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विभागीय कार्मिकांे को स्मृति चिन्ह देकर प्रोत्साहित किया गया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने मेले आयोजन के पांच दिवसों के अपने अनुभवों को साझा किया और विभाग की व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत मंे महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक प्रहलादसिंह ने अतिथियांे ने मेले मंे शामिल हुए स्वयं सहायता समूहों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मेला समापन की घोषणा की। इस मेले में राज्य के विभिन्न जिलों से आए महिला स्वयं सहायता समूहों के उच्च गुणवत्तायुक्त व वाजिब दाम वाले उत्पादों मिट्टी के बर्तन, गर्मपट्टू , मूंग पापड़, आम पापड़, दलिया, नमकीन, हींग, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, रेडिमेड गारमेंट, श्रृंगार का सामान, आचार, मुरब्बा, घर का साज-सज्जा का सामान, टेरीकोटा, मीनाकारी, नेट की साडि़यां, सूट, मनिहारी, पूजा थाली, मार्बल की मूर्तिया, जूट के सामान, कठपूतलियों, कशीदे के सामान, केर, सांगरी, कुमटिया, खाने-पीने के शुद्व देशी सामान की आमजन ने तहेदिल से खरीददारी की। इससे समूहों की कुल बिक्री राशि 9.70 लाख रूपए की हुई। मेले में शतायु भव संस्था के सहयोग से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम- कालबेलिया नृत्य, बालविवाह, बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओं योजना पर आयोजित लघुनाटक मंचन किया गया। वहीं न्यू थार आर्ट एण्ड कल्चर डवलपमेन्ट सोसायटी के लोक कलाकारों ने राजस्थानी लोक कला की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। शहरवासियों नेे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का लुत्फ उठाया। अमृता हाट मेले में महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारियांे एवं कर्मचारियांे ने मुस्तेदी से कर्तव्य निर्वहन किया।